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भारत को AI की ग्लोबल ताकत बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जनवरी को लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर के बड़े सीईओ और तकनीकी विशेषज्ञों से अहम बातचीत की। यह मुलाकात फरवरी में होने वाले इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट से पहले काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संविधान दिवस पर पीएम मोदी का पत्र: युवाओं और नागरिकों से कर्तव्य निभाने की अपील

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को एक भावनात्मक और प्रेरक पत्र लिखा है। 26 नवंबर को जारी किए गए इस पत्र में उन्होंने 1949 में संविधान के अंगीकार के ऐतिहासिक पल को याद करते हुए कहा कि भारत का संविधान ही देश की प्रगति और लोकतांत्रिक यात्रा की असली ताकत है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में उनकी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया था, ताकि हर नागरिक संविधान के प्रति सम्मान और जुड़ाव महसूस करे।

खेती-किसानी हमेशा से भारत की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रही है- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 11 अक्टूबर को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली में एक विशेष ‘कृषि कार्यक्रम’ में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पीएम धन धान्य कृषि योजना और मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेती-किसानी हमेशा भारत की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रही है, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे नजरअंदाज कर दिया था। 2014 के बाद से सरकार ने बीज से लेकर बाजार तक अनेक सुधार किए, जिनका सीधा असर किसानों की आय और उत्पादन पर पड़ा है। 

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025: स्टार्टअप्स और तकनीक के दम पर भारत बनेगा वैश्विक समाधान केंद्र- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के 9वें संस्करण का शुभारंभ किया। यह आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक चलेगा और इसे एशिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और नवाचार आयोजनों में गिना जाता है। उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की डिजिटल क्रांति, मेक इन इंडिया मिशन, और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पीएम मोदी ने बताया 24 वर्षों का सफर: गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक अहम उपलब्धि हासिल की है। आज के दिन से ठीक 24 साल पहले यानी 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। मंगलवार को उन्होंने अपने इस 25वें वर्ष के सफर का जश्न मनाते हुए देशवासियों का आभार जताया और अपने अनुभवों को साझा किया।

नवरात्रि पर देश को मिला बचत का तोहफा – शुरू हुआ GST बचत उत्सव!

नवरात्रि की शुरुआत हर साल नया जोश और नई ऊर्जा लेकर आती है। लेकिन इस बार त्योहारों के इस पावन मौके पर देश को एक और बड़ी सौगात मिली है – GST बचत उत्सव! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर को राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि 22 सितंबर से Next Generation GST Reforms लागू हो गए हैं, जो हर आम आदमी की जेब के लिए राहत लेकर आए हैं।

मोदी सरकार की जीएसटी क्रांति: जरूरी चीजें सस्ती, कारोबार आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार की जो झलक दिखाई थी, अब वह हकीकत बन रही है। 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में जिन ऐतिहासिक सुधारों को मंज़ूरी दी गई, वे न सिर्फ आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा देंगे।

भारत बना सेमीकंडक्टर पावरहाउस: प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किए गए पहले 'Made-in-India' चिप्स

भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा इन दिनों तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। 2 सितंबर 2025 का दिन इसलिए ऐतिहासिक हो गया क्योंकि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारतीय मिट्टी पर डिजाइन और निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स का सेट भेंट किया गया। इसे मोहाली की पायलट लाइन में बनाया गया है और यह पल ‘Made-in-India Chips’ के युग की शुरुआत माना जा रहा है।

Oil था Black Gold, Chips हैं Digital Diamonds: सेमीकॉन इंडिया में पीएम मोदी

Oil was Black Gold. But Chips are Digital Diamonds.– पीएम नरेंद्र मोदी, सेमीकॉन इंडिया 2025
जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह पंक्तियां नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2025 के मंच से कहीं, तो यह न सिर्फ एक उद्योग को संबोधित करने वाला भाषण था, बल्कि एक तकनीकी क्रांति की उद्घोषणा थी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अगली सदी की शक्ति न तो तेल में है, न ही पारंपरिक संसाधनों में, बल्कि एक सूक्ष्म चिप में छिपी है- जो दिखने में तो मामूली है, लेकिन दुनिया को बदलने की ताकत रखती है।

जन धन योजना के 11 साल: 56 करोड़ लोगों को बैंकिंग से जोड़ने की ऐतिहासिक यात्रा

28 अगस्त 2014- यह वह तारीख है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के तुरंत बाद देश को एक महत्वाकांक्षी योजना दी: प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)। लक्ष्य साफ था- हर भारतीय को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना, भले ही वह कितनी भी दूरदराज बस्ती में रहता हो या कितनी भी कमजोर आर्थिक स्थिति में हो।

2047 तक भारत विकसित देश बनकर रहेगा": पीएम मोदी का गुजरात से आत्मनिर्भरता का संकल्प

25 अगस्त की शाम अहमदाबाद की सड़कों पर जनसैलाब था। लोग छतों, बालकनियों, गलियों और मैदानों में उमड़ पड़े थे। माहौल में जोश था, विश्वास था और सामने थे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लेकिन इस बार भाषण केवल घोषणाओं या योजनाओं का पुलिंदा नहीं था। ये भाषण एक देश के संकल्प की पुन: पुष्टि थी। एक ऐसा संकल्प जो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है।

भारत की सुरक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: अब न सिर्फ़ आत्मनिर्भर, बल्कि निर्णायक भी

पिछले ग्यारह सालों में भारत की सुरक्षा नीति, क्षमता और दृष्टिकोण में जबरदस्त बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। अब भारत सिर्फ़ प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि पूरी तरह निर्णायक, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रभाव वाला देश बन चुका है।

सौर ऊर्जा में उछाल: भारत की नेट ज़ीरो फ्यूचर की ओर बड़ी छलांग

भारत की सौर ऊर्जा यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है और यह सिर्फ ऊर्जा उत्पादन की बात नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव की कहानी है – नेट जीरो भविष्य की ओर बढ़ते भारत की। कभी जो सोलर पैनल सिर्फ कुछ छतों या दूर के रेगिस्तानी इलाकों में दिखाई देते थे, आज वो हर गाँव, हर मोहल्ले और हर शहर में दिख रहे हैं। भारत अब सौर ऊर्जा उत्पादन में जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है।

भारतीय उत्पादों को नई पहचान: मेड इन इंडिया लेबल योजना

भारत सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है, ताकि भारतीय विनिर्माण (Manufacturing) को घरेलू और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके। अब आपके सामने आ रहा है "मेड इन इंडिया लेबल", एक खास योजना जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर QR Code युक्त लेबल लगाया जाएगा। इस लेबल को स्कैन करते ही उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल जाएगी कि यह उत्पाद कहाँ बना है, कब तक मान्य है और उसकी असली पहचान क्या है।

आत्मनिर्भर भारत: 2047 तक विकसित भारत की नींव रखता प्रधानमंत्री मोदी का विजन

भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से जो संदेश दिया, वह भारत के भविष्य की दिशा और दशा दोनों तय करता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत की नींव बताया और कई क्षेत्रों में देश की प्रगति को सामने रखते हुए भविष्य की बड़ी योजनाएं साझा कीं।

जल जीवन मिशन- 6 साल का सफर: जब हर घर तक पहुंचा नल का जल, और जिंदगी ने ली एक नई करवट

एक वक्त था जब गांव की महिलाएं सुबह-सुबह उठकर मीलों पैदल चलती थीं, सिर्फ पानी लाने के लिए। कई बार कुएं सूख जाते थे, तालाब गंदे होते थे, और पानी लाने में घंटों लग जाते थे। लेकिन आज, उन्हीं घरों में नल खुलते ही साफ पानी बहता है। हां, ये सब मुमकिन हुआ है जल जीवन मिशन की वजह से, जिसने 6 साल पहले यानी 15 अगस्त 2019 को अपनी शुरुआत की थी।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड: जब सितारों से मिला भारत- पीएम मोदी का युवा वैज्ञानिकों को संदेश

क्या आपने कभी आसमान की तरफ देखा है और सोचा है – "वहां क्या है?"
अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं! सदियों से हम भारतीय आसमान को निहारते रहे हैं, सवाल पूछते रहे हैं और सितारों में छिपे रहस्यों को समझने की कोशिश करते रहे हैं।

कैबिनेट के तीन बड़े फैसले: चिप बनेगी देश में, बिजली आएगी पहाड़ों से, और पुराना लखनऊ मेट्रो से जुड़ेगा!

जब सरकार वाकई विकास की रफ्तार पकड़ती है, तो उसकी झलक कुछ ऐसे ही फैसलों में दिखती है। आज ऐसा ही दिन था जब मोदी सरकार की कैबिनेट ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी – और यकीन मानिए, इनमें से हर एक फैसला आने वाले समय में भारत की तस्वीर बदल सकता है।

उज्ज्वला की ज्योति: हर रसोई में रोशनी, हर दिल में आशा


"अब चूल्हे में धुआं नहीं, रसोई में उजाला है। अब मां खांसती नहीं, मुस्कराती है।"
ये बदलाव कोई कहानी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की सच्चाई है, जिसने भारत के करोड़ों घरों को नई रोशनी दी है।

उज्ज्वला: महिलाओं की रसोई से शुरू हुआ बदलाव
भारत के गांवों में एक समय था जब महिलाएं हर दिन लकड़ी, उपले और कोयले का इंतजाम करने में ही 2-3 घंटे खर्च करती थीं। खाना बनाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, एक संघर्ष था। धुएं से भरे कमरों में उनकी आंखें जलती थीं, बच्चे खांसते थे और स्वास्थ्य धीरे-धीरे खराब होता था।

फिर आई उज्ज्वला योजना – एक नई रोशनी, एक नई सुबह।

क्या है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना?
-शुरुआत: 1 मई 2016
-लक्ष्य: गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना।
-पहला चरण (उज्ज्वला 1.0): 5 करोड़ कनेक्शन
-विस्तार (उज्ज्वला 2.0): अतिरिक्त 1.6 करोड़ कनेक्शन
-अब तक: 10.33 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित

फोटो-पीआईबी

उज्ज्वला क्यों है खास?

-कनेक्शन केवल महिला के नाम पर – उन्हें निर्णय लेने का अधिकार देता है।
-धुएं से मुक्ति – आंखों, फेफड़ों और त्वचा से जुड़ी बीमारियों में कमी।
-समय की बचत – अब महिलाएं खेती, बच्चों की पढ़ाई या छोटे व्यवसायों में समय दे रही हैं।
-300 रुपये की सब्सिडी प्रति रिफिल – साल में 9 बार (14.2 किग्रा सिलेंडर पर)

क्या बदला उज्ज्वला ने?
*सुक्शो चौधरी (नारायणपुर, झारखंड):
पहले हर दिन लकड़ी इकट्ठा करना उनकी मजबूरी थी। अब LPG की वजह से वह खेतों में सब्जियां उगाकर उन्हें बेचती हैं और कमाई करती हैं। अब वह भी अपने गांव की सम्मानित महिला बन चुकी हैं।

*कैमेलिया नस्कर (दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल):
जहाँ पहले उनकी रसोई धुएं से भरी रहती थी, अब वहां बच्चों की हँसी, गरमा-गरम भोजन और पढ़ाई की आवाज़ गूंजती है।

कहाँ-कहाँ पहुंची उज्ज्वला?
राज्य-    लाभार्थी परिवार (2024 तक)
उत्तर प्रदेश-    1.85 करोड़ से अधिक
बिहार-    लगभग 1.16 करोड़
पश्चिम बंगाल-    लगभग 1.23 करोड़
मध्य प्रदेश-    88.4 लाख से अधिक
महाराष्ट्र-    52.18 लाख से अधिक

आंकड़े जो प्रेरणा देते हैं
-रोजाना 12.6 लाख सिलेंडर की रिफिल (2024-25 में)
-234.02 करोड़ एलपीजी रिफिल अब तक वितरित
-प्रति व्यक्ति उपभोग: 2019-20 में 3.01 से बढ़कर 2024-25 में 4.43 सिलेंडर

सतत विकास में उज्ज्वला की भूमिका
उज्ज्वला योजना न केवल ईंधन देती है, बल्कि यह गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को भी साकार कर रही है।

उज्ज्वला एक योजना नहीं, एक क्रांति है
यह सिर्फ गैस कनेक्शन देने की योजना नहीं है – यह सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता देने की योजना है। यह योजना हर उस महिला के चेहरे पर मुस्कान लाती है जो पहले धुएं में घुटती थी। यह उन बच्चों को सुरक्षित हवा देती है जो पहले कालिख भरे माहौल में बड़े हो रहे थे।

आज उज्ज्वला योजना का हर सिलेंडर, हर नीली लौ, भारत के उज्जवल भविष्य की गवाही दे रही है।

सोर्स पीआईबी

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कृषि में क्रांति: कृषि अवसंरचना कोष (AIF) कैसे बना रहा है किसानों की तरक्की की नींव

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में भारत सरकार की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई हैं। इन कोशिशों में एक बहुत बड़ी पहल है– कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund - AIF)। इस योजना का मकसद है खेत से लेकर बाजार तक की पूरी प्रणाली को इतना मजबूत बनाना कि किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम मिले और फसल की बर्बादी भी न हो।

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