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सुकन्या समृद्धि योजना: 11 साल, 4.5 करोड़ बेटियां और भरोसे की नई उड़ान

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आज से ठीक 11 साल पहले, यानी 22 जनवरी 2015 को जब 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने सोचा नहीं था कि यह योजना देश के करोड़ों घरों की तकदीर बदल देगी। आज 2026 में, जब यह योजना अपनी 11वीं वर्षगांठ मना रही है, तो आंकड़े इसकी सफलता की गवाही खुद दे रहे हैं।

मोदी सरकार की जीएसटी क्रांति: जरूरी चीजें सस्ती, कारोबार आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार की जो झलक दिखाई थी, अब वह हकीकत बन रही है। 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में जिन ऐतिहासिक सुधारों को मंज़ूरी दी गई, वे न सिर्फ आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा देंगे।

जन धन योजना के 11 साल: 56 करोड़ लोगों को बैंकिंग से जोड़ने की ऐतिहासिक यात्रा

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28 अगस्त 2014- यह वह तारीख है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के तुरंत बाद देश को एक महत्वाकांक्षी योजना दी: प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)। लक्ष्य साफ था- हर भारतीय को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना, भले ही वह कितनी भी दूरदराज बस्ती में रहता हो या कितनी भी कमजोर आर्थिक स्थिति में हो।

सेमीकॉन इंडिया 2025: भारत की टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी छलांग

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क्या आप जानते हैं कि आने वाला महीना भारत के लिए टेक्नोलॉजी की दुनिया में इतिहास रचने वाला है? जी हां, 2 से 4 सितंबर 2025 के बीच नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होने जा रहा है- सेमीकॉन इंडिया 2025। ये कोई आम टेक इवेंट नहीं है, बल्कि इसे कहा जा रहा है दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो। और सबसे खास बात-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

भारत की सुरक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: अब न सिर्फ़ आत्मनिर्भर, बल्कि निर्णायक भी

पिछले ग्यारह सालों में भारत की सुरक्षा नीति, क्षमता और दृष्टिकोण में जबरदस्त बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। अब भारत सिर्फ़ प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि पूरी तरह निर्णायक, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रभाव वाला देश बन चुका है।

सौर ऊर्जा में उछाल: भारत की नेट ज़ीरो फ्यूचर की ओर बड़ी छलांग

भारत की सौर ऊर्जा यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है और यह सिर्फ ऊर्जा उत्पादन की बात नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव की कहानी है – नेट जीरो भविष्य की ओर बढ़ते भारत की। कभी जो सोलर पैनल सिर्फ कुछ छतों या दूर के रेगिस्तानी इलाकों में दिखाई देते थे, आज वो हर गाँव, हर मोहल्ले और हर शहर में दिख रहे हैं। भारत अब सौर ऊर्जा उत्पादन में जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है।

आत्मनिर्भर भारत: 2047 तक विकसित भारत की नींव रखता प्रधानमंत्री मोदी का विजन

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भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से जो संदेश दिया, वह भारत के भविष्य की दिशा और दशा दोनों तय करता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत की नींव बताया और कई क्षेत्रों में देश की प्रगति को सामने रखते हुए भविष्य की बड़ी योजनाएं साझा कीं।

जल जीवन मिशन- 6 साल का सफर: जब हर घर तक पहुंचा नल का जल, और जिंदगी ने ली एक नई करवट

एक वक्त था जब गांव की महिलाएं सुबह-सुबह उठकर मीलों पैदल चलती थीं, सिर्फ पानी लाने के लिए। कई बार कुएं सूख जाते थे, तालाब गंदे होते थे, और पानी लाने में घंटों लग जाते थे। लेकिन आज, उन्हीं घरों में नल खुलते ही साफ पानी बहता है। हां, ये सब मुमकिन हुआ है जल जीवन मिशन की वजह से, जिसने 6 साल पहले यानी 15 अगस्त 2019 को अपनी शुरुआत की थी।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड: जब सितारों से मिला भारत- पीएम मोदी का युवा वैज्ञानिकों को संदेश

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क्या आपने कभी आसमान की तरफ देखा है और सोचा है – "वहां क्या है?" अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं! सदियों से हम भारतीय आसमान को निहारते रहे हैं, सवाल पूछते रहे हैं और सितारों में छिपे रहस्यों को समझने की कोशिश करते रहे हैं।

कैबिनेट के तीन बड़े फैसले: चिप बनेगी देश में, बिजली आएगी पहाड़ों से, और पुराना लखनऊ मेट्रो से जुड़ेगा!

जब सरकार वाकई विकास की रफ्तार पकड़ती है, तो उसकी झलक कुछ ऐसे ही फैसलों में दिखती है। आज ऐसा ही दिन था जब मोदी सरकार की कैबिनेट ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी – और यकीन मानिए, इनमें से हर एक फैसला आने वाले समय में भारत की तस्वीर बदल सकता है।

उज्ज्वला की ज्योति: हर रसोई में रोशनी, हर दिल में आशा

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"अब चूल्हे में धुआं नहीं, रसोई में उजाला है। अब मां खांसती नहीं, मुस्कराती है।" ये बदलाव कोई कहानी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की सच्चाई है, जिसने भारत के करोड़ों घरों को नई रोशनी दी है। उज्ज्वला: महिलाओं की रसोई से शुरू हुआ बदलाव भारत के गांवों में एक समय था जब महिलाएं हर दिन लकड़ी, उपले और कोयले का इंतजाम करने में ही 2-3 घंटे खर्च करती थीं। खाना बनाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, एक संघर्ष था। धुएं से भरे कमरों में उनकी आंखें जलती थीं, बच्चे खांसते थे और स्वास्थ्य धीरे-धीरे खराब होता था। फिर आई उज्ज्वला योजना – एक नई रोशनी, एक नई सुबह। क्या है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना? -शुरुआत: 1 मई 2016 -लक्ष्य: गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना। -पहला चरण (उज्ज्वला 1.0): 5 करोड़ कनेक्शन -विस्तार (उज्ज्वला 2.0): अतिरिक्त 1.6 करोड़ कनेक्शन -अब तक: 10.33 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित फोटो-पीआईबी उज्ज्वला क्यों है खास? -कनेक्शन केवल महिला के नाम पर – उन्हें निर्णय लेने का अधिकार देता है। -धुएं से मुक्ति – आंखों, फेफड़ों और त्वचा से ज...

कृषि में क्रांति: कृषि अवसंरचना कोष (AIF) कैसे बना रहा है किसानों की तरक्की की नींव

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किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में भारत सरकार की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई हैं। इन कोशिशों में एक बहुत बड़ी पहल है– कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund - AIF)। इस योजना का मकसद है खेत से लेकर बाजार तक की पूरी प्रणाली को इतना मजबूत बनाना कि किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम मिले और फसल की बर्बादी भी न हो।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसानों की सुरक्षा का नया युग

"बारिश कब होगी, कितना होगी, और कब रुकेगी – ये सब ऊपर वाले के हाथ में है, लेकिन अब नुकसान की भरपाई सरकार करने लगी है।" ये बात कुछ साल पहले तक शायद मजाक लगती, लेकिन अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) ने इसे सच कर दिखाया है। आज अगर किसी किसान से पूछो कि खेती में सबसे बड़ा सहारा क्या है, तो बहुतों का जवाब होगा – "फसल बीमा योजना।"

वैज्ञानिक सोच की ओर एक कदम – ICMR-शाइन पहल ने छात्रों को दिखाई विज्ञान की दुनिया

क्या आपने कभी सोचा है कि एक वैज्ञानिक का दिन कैसा होता है? प्रयोगशालाएं, शोध, सवाल और समाधान – यह सब सिर्फ किताबों तक ही सीमित नहीं है। अब देश के हजारों छात्रों ने इसे अपनी आंखों से देखा, अनुभव किया और महसूस भी किया, वो भी सीधे भारत के अग्रणी वैज्ञानिक संस्थानों में।

श्री अन्न के माध्यम से भारत को सशक्त बनाता एक नया कृषि आंदोलन

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के किसान गुड्डू डोंगरे आज भारत में मिलेट क्रांति (श्री अन्न आंदोलन) का चेहरा बन चुके हैं। कभी जिस जमीन को लोग बेकार मानते थे, आज वही जमीन मिलेट की फसल से लहलहा रही है। गुड्डू ने किसान फील्ड स्कूल से सीखा कि मिलेट सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि एक समाधान है – कम इनपुट, कम समय और हर मिट्टी में उगने वाला।

पीएमकेएसवाई को मिला 1,920 करोड़ रुपये का बूस्ट – किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

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किसानों की कमाई बढ़ाने और खेत से थाली तक एक मजबूत सप्लाई चेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) में 1,920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ दी है। ये फंड कुल 6,520 करोड़ रुपये के बजट का हिस्सा है जो 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-26) के तहत इस योजना को दिए गए हैं।

हथकरघा: परंपरा में नवाचारों का समावेश

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"हमें अपने देश भर में हथकरघा की समृद्ध विरासत और जीवंत परंपरा पर बहुत गर्व है। हम अपने कारीगरों के प्रयासों की कद्र करते हैं और 'वोकल फॉर लोकल' के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।"- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कर्तव्य भवन: नये भारत के सपनों और संकल्पों की पहचान

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क्या आप जानते हैं कि भारत की राजधानी दिल्ली के दिल में एक नया, शानदार "कर्तव्य भवन" बनकर तैयार हो गया है? 6 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस भव्य इमारत का उद्घाटन किया, और यकीन मानिए, ये सिर्फ ईंट-पत्थर की एक और बिल्डिंग नहीं है, बल्कि बहुत बड़ी सोच और बदलते भारत का नया चेहरा है।

किसानों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हूं: मोदी का ट्रंप को सीधा संदेश

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7 अगस्त 2025 को दिल्ली में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम.एस. स्वामीनाथन की जन्मशताब्दी के मौके पर बोले, तो सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं दी — उन्होंने खुलकर किसानों की बात की। अमेरिका और खासकर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ दबाव पर उन्होंने जो बात कही, वो सीधे दिल से निकली और पूरे देश के किसानों के दिल को छू गई।

कर्तव्य भवन: एक नई इमारत नहीं, नए भारत की नई सोच! 6 अगस्त को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

अब वक्त आ गया है पुराने सरकारी दफ्तरों की तंग गलियों और भारी-भरकम फाइलों से आगे बढ़ने का। 6 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में एक ऐसी इमारत का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जो सिर्फ दिखने में ही मॉडर्न नहीं है, बल्कि सोच में भी एकदम नई है – नाम है कर्तव्य भवन।