आपातकाल: भारत के लोकतंत्र की सबसे काली रात – 50 साल बाद याद करते हैं वो दिन
आज से ठीक 50 साल पहले, 25 जून 1975 की रात को देश में ऐसा फैसला लिया गया, जिसने भारत के लोकतंत्र की बुनियाद को झकझोर दिया। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत "आंतरिक अशांति" का हवाला देकर आपातकाल लगाने की सिफारिश की, और आधी रात को देश की आजादी पर ताला जड़ दिया गया।