Posts

Showing posts with the label Rahul Gandhi

राहुल गांधी के नेतृत्व में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का पतन, क्या वे पार्टी के लिए अभिशाप बन गए हैं?

Image
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस—वह पार्टी जिसने देश पर दशकों तक शासन किया और देश के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक ढांचे पर गहरी छाप छोड़ी—आज अपने इतिहास के सबसे गहरे और दर्दनाक संकट से गुजर रही है। हालत यह है कि जब-जब चुनाव आते हैं, कांग्रेस की हार लगभग तय मानी जाती है। लोकसभा हो या विधानसभा या स्थानीय निकाय, हार की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। आज यह पार्टी केवल चुनाव नहीं हार रही, बल्कि अपनी पहचान, अपना प्रभाव और अपना आत्मविश्वास तीनों खोती जा रही है। 

सुप्रीम कोर्ट की राहुल गांधी को फटकार- अगर आप सच्‍चे भारतीय होते, तो इस तरह की बातें नहीं करते

Image
राजनीति और सेना जैसे संवेदनशील मुद्दे जब आपस में टकराते हैं, तो हलचल मचती है। ठीक वैसा ही हुआ है कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भारतीय सेना पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। मामला नया नहीं, बल्कि 2022 के गलवान संघर्ष से जुड़ा है।

जेटली को लेकर राहुल के दावे पर सवाल! क्या राहुल गांधी भी केजरीवाल की राह पर जा रहे हैं?

Image
कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर घिरे हुए हैं। इस बार उन्होंने देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को लेकर ऐसी टिप्पणी की जिसे राजनीतिक हलकों में 'असंवेदनशील और अशोभनीय' बताया गया। यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने विवादित टिप्पणी की हो। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों के कारण विवादों में फंस चुके हैं। इससे लगता है कि क्या राहुल गांधी भी अब विवादित- अनर्गल बयान देने के मामले में अरविंद केजरीवाल की राह पर चल पड़े हैं, जहां चौंकाने वाले बयान, सार्वजनिक आलोचना और बाद में माफी एक पैटर्न बन गया है? 

राहुल गांधी की नकारात्मक राजनीति: जब विदेशी मंच बन जाते हैं सरकार विरोध का हथियार

Image
लोकतंत्र की खूबी ही यह है कि हर नागरिक, और खासकर विपक्ष, सरकार की आलोचना कर सकता है। लेकिन जब एक राष्ट्रीय नेता भारत के अंदर की समस्याओं को विदेशी मंचों पर ले जाकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है, विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स को “सच” का प्रमाण बनाता है, और विदेशी नेताओं की राय को अपने देश की संसद और न्यायपालिका से ऊपर रखता है — तो यह सिर्फ आलोचना नहीं, राष्ट्रीय चेतना पर प्रहार बन जाता है।