25 अगस्त की शाम अहमदाबाद की सड़कों पर जनसैलाब था। लोग छतों, बालकनियों, गलियों और मैदानों में उमड़ पड़े थे। माहौल में जोश था, विश्वास था और सामने थे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लेकिन इस बार भाषण केवल घोषणाओं या योजनाओं का पुलिंदा नहीं था। ये भाषण एक देश के संकल्प की पुन: पुष्टि थी। एक ऐसा संकल्प जो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है।
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