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सेमीकॉन इंडिया 2025: भारत की टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी छलांग

क्या आप जानते हैं कि आने वाला महीना भारत के लिए टेक्नोलॉजी की दुनिया में इतिहास रचने वाला है?
जी हां, 2 से 4 सितंबर 2025 के बीच नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होने जा रहा है- सेमीकॉन इंडिया 2025।

ये कोई आम टेक इवेंट नहीं है, बल्कि इसे कहा जा रहा है दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो। और सबसे खास बात-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

सौर ऊर्जा में उछाल: भारत की नेट ज़ीरो फ्यूचर की ओर बड़ी छलांग

भारत की सौर ऊर्जा यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है और यह सिर्फ ऊर्जा उत्पादन की बात नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव की कहानी है – नेट जीरो भविष्य की ओर बढ़ते भारत की। कभी जो सोलर पैनल सिर्फ कुछ छतों या दूर के रेगिस्तानी इलाकों में दिखाई देते थे, आज वो हर गाँव, हर मोहल्ले और हर शहर में दिख रहे हैं। भारत अब सौर ऊर्जा उत्पादन में जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है।

विकसित भारत का संकल्प- 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

15 अगस्त 2025 को स्वतंत्र भारत की 79वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। यह भाषण केवल पिछले वर्ष की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं था, बल्कि यह एक स्पष्ट और प्रेरणादायक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है—“विकसित भारत 2047” के संकल्प की ओर बढ़ते नए भारत की तस्वीर। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार, सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण

जल जीवन मिशन- 6 साल का सफर: जब हर घर तक पहुंचा नल का जल, और जिंदगी ने ली एक नई करवट

एक वक्त था जब गांव की महिलाएं सुबह-सुबह उठकर मीलों पैदल चलती थीं, सिर्फ पानी लाने के लिए। कई बार कुएं सूख जाते थे, तालाब गंदे होते थे, और पानी लाने में घंटों लग जाते थे। लेकिन आज, उन्हीं घरों में नल खुलते ही साफ पानी बहता है। हां, ये सब मुमकिन हुआ है जल जीवन मिशन की वजह से, जिसने 6 साल पहले यानी 15 अगस्त 2019 को अपनी शुरुआत की थी।

कैबिनेट के तीन बड़े फैसले: चिप बनेगी देश में, बिजली आएगी पहाड़ों से, और पुराना लखनऊ मेट्रो से जुड़ेगा!

जब सरकार वाकई विकास की रफ्तार पकड़ती है, तो उसकी झलक कुछ ऐसे ही फैसलों में दिखती है। आज ऐसा ही दिन था जब मोदी सरकार की कैबिनेट ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी – और यकीन मानिए, इनमें से हर एक फैसला आने वाले समय में भारत की तस्वीर बदल सकता है।

उज्ज्वला की ज्योति: हर रसोई में रोशनी, हर दिल में आशा


"अब चूल्हे में धुआं नहीं, रसोई में उजाला है। अब मां खांसती नहीं, मुस्कराती है।"
ये बदलाव कोई कहानी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की सच्चाई है, जिसने भारत के करोड़ों घरों को नई रोशनी दी है।

उज्ज्वला: महिलाओं की रसोई से शुरू हुआ बदलाव
भारत के गांवों में एक समय था जब महिलाएं हर दिन लकड़ी, उपले और कोयले का इंतजाम करने में ही 2-3 घंटे खर्च करती थीं। खाना बनाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, एक संघर्ष था। धुएं से भरे कमरों में उनकी आंखें जलती थीं, बच्चे खांसते थे और स्वास्थ्य धीरे-धीरे खराब होता था।

फिर आई उज्ज्वला योजना – एक नई रोशनी, एक नई सुबह।

क्या है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना?
-शुरुआत: 1 मई 2016
-लक्ष्य: गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना।
-पहला चरण (उज्ज्वला 1.0): 5 करोड़ कनेक्शन
-विस्तार (उज्ज्वला 2.0): अतिरिक्त 1.6 करोड़ कनेक्शन
-अब तक: 10.33 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित

फोटो-पीआईबी

उज्ज्वला क्यों है खास?

-कनेक्शन केवल महिला के नाम पर – उन्हें निर्णय लेने का अधिकार देता है।
-धुएं से मुक्ति – आंखों, फेफड़ों और त्वचा से जुड़ी बीमारियों में कमी।
-समय की बचत – अब महिलाएं खेती, बच्चों की पढ़ाई या छोटे व्यवसायों में समय दे रही हैं।
-300 रुपये की सब्सिडी प्रति रिफिल – साल में 9 बार (14.2 किग्रा सिलेंडर पर)

क्या बदला उज्ज्वला ने?
*सुक्शो चौधरी (नारायणपुर, झारखंड):
पहले हर दिन लकड़ी इकट्ठा करना उनकी मजबूरी थी। अब LPG की वजह से वह खेतों में सब्जियां उगाकर उन्हें बेचती हैं और कमाई करती हैं। अब वह भी अपने गांव की सम्मानित महिला बन चुकी हैं।

*कैमेलिया नस्कर (दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल):
जहाँ पहले उनकी रसोई धुएं से भरी रहती थी, अब वहां बच्चों की हँसी, गरमा-गरम भोजन और पढ़ाई की आवाज़ गूंजती है।

कहाँ-कहाँ पहुंची उज्ज्वला?
राज्य-    लाभार्थी परिवार (2024 तक)
उत्तर प्रदेश-    1.85 करोड़ से अधिक
बिहार-    लगभग 1.16 करोड़
पश्चिम बंगाल-    लगभग 1.23 करोड़
मध्य प्रदेश-    88.4 लाख से अधिक
महाराष्ट्र-    52.18 लाख से अधिक

आंकड़े जो प्रेरणा देते हैं
-रोजाना 12.6 लाख सिलेंडर की रिफिल (2024-25 में)
-234.02 करोड़ एलपीजी रिफिल अब तक वितरित
-प्रति व्यक्ति उपभोग: 2019-20 में 3.01 से बढ़कर 2024-25 में 4.43 सिलेंडर

सतत विकास में उज्ज्वला की भूमिका
उज्ज्वला योजना न केवल ईंधन देती है, बल्कि यह गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को भी साकार कर रही है।

उज्ज्वला एक योजना नहीं, एक क्रांति है
यह सिर्फ गैस कनेक्शन देने की योजना नहीं है – यह सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता देने की योजना है। यह योजना हर उस महिला के चेहरे पर मुस्कान लाती है जो पहले धुएं में घुटती थी। यह उन बच्चों को सुरक्षित हवा देती है जो पहले कालिख भरे माहौल में बड़े हो रहे थे।

आज उज्ज्वला योजना का हर सिलेंडर, हर नीली लौ, भारत के उज्जवल भविष्य की गवाही दे रही है।

सोर्स पीआईबी

#UjjwalaYojana #WomenEmpowerment #CleanEnergy #SwachhBharat #LPGforall #PMUY #IndiaShining

कृषि में क्रांति: कृषि अवसंरचना कोष (AIF) कैसे बना रहा है किसानों की तरक्की की नींव

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में भारत सरकार की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई हैं। इन कोशिशों में एक बहुत बड़ी पहल है– कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund - AIF)। इस योजना का मकसद है खेत से लेकर बाजार तक की पूरी प्रणाली को इतना मजबूत बनाना कि किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम मिले और फसल की बर्बादी भी न हो।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसानों की सुरक्षा का नया युग

"बारिश कब होगी, कितना होगी, और कब रुकेगी – ये सब ऊपर वाले के हाथ में है, लेकिन अब नुकसान की भरपाई सरकार करने लगी है।"

ये बात कुछ साल पहले तक शायद मजाक लगती, लेकिन अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) ने इसे सच कर दिखाया है। आज अगर किसी किसान से पूछो कि खेती में सबसे बड़ा सहारा क्या है, तो बहुतों का जवाब होगा – "फसल बीमा योजना।"

वैज्ञानिक सोच की ओर एक कदम – ICMR-शाइन पहल ने छात्रों को दिखाई विज्ञान की दुनिया

क्या आपने कभी सोचा है कि एक वैज्ञानिक का दिन कैसा होता है? प्रयोगशालाएं, शोध, सवाल और समाधान – यह सब सिर्फ किताबों तक ही सीमित नहीं है। अब देश के हजारों छात्रों ने इसे अपनी आंखों से देखा, अनुभव किया और महसूस भी किया, वो भी सीधे भारत के अग्रणी वैज्ञानिक संस्थानों में।

श्री अन्न के माध्यम से भारत को सशक्त बनाता एक नया कृषि आंदोलन

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के किसान गुड्डू डोंगरे आज भारत में मिलेट क्रांति (श्री अन्न आंदोलन) का चेहरा बन चुके हैं। कभी जिस जमीन को लोग बेकार मानते थे, आज वही जमीन मिलेट की फसल से लहलहा रही है। गुड्डू ने किसान फील्ड स्कूल से सीखा कि मिलेट सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि एक समाधान है – कम इनपुट, कम समय और हर मिट्टी में उगने वाला।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पंजीकरण अभियान 15 अगस्त तक बढ़ा, 4.05 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिला लाभ

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत चल रहे विशेष पंजीकरण अभियान की अंतिम तिथि को 15 अगस्त, 2025 तक बढ़ा दिया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की हर पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला को इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिल सके। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में घर-घर जाकर चलाए जा रहे इस जागरूकता और नामांकन अभियान का लक्ष्य अंतिम लाभार्थी तक पहुंचना है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को जारी होगी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) की अगली किस्त 2 अगस्त को जारी की जाएगी। किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करीब 9.3 करोड़ किसानों को 20वीं किस्त सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस किस्त की राशि 2,000 रुपये होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में सीधे यह धनराशि भेजेंगे।

भारत रहेगा दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था, आईएमएफ ने बढ़ाई GDP ग्रोथ की उम्मीद

भारत की अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी दिशा में चल रही है और अगले दो सालों में 6.4% की ग्रोथ होगी, ऐसा IMF ने कहा है। मतलब ये कि भारत इकनॉमी के मामले में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बनेगा। पिछली रिपोर्ट में ये आंकड़ा 6.2% था, जिसे बढ़ाकर 6.4% कर दिया गया है। 

ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की नई इबारत- मिला 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण

ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर दर्ज करते हुए, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अब तक 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया है। यह उपलब्धि भारत सरकार की प्रमुख ग्रामीण विकास योजना दीनदयाल अंत्योदय

Make in India से Make for the World तक – भारतीय रेलवे का ग्लोबल सफर

भारत की रेलवे इंडस्ट्री ने बीते कुछ सालों में पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' की सोच के साथ अब भारत सिर्फ अपने देश के लिए ही नहीं, बल्कि कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स के लिए भी बोगी, कोच, रेलवे इंजन और ऑपरेशन सिस्टम बना रहा है।

ओएनडीसी: छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाकर, लागत घटाकर और ग्राहकों के विकल्प बढ़ाकर भारत के ई-कॉमर्स में क्रांति

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी- ONDC) ने भारत के ई-कॉमर्स परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव किया है। यह पहल न केवल छोटे एवं मध्यम व्यवसायों (MSME) को सशक्त बना रही है, बल्कि पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की सीमाओं को तोड़कर खरीदारों के लिए अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी मूल्य उपलब्ध करा रही है।

किसानों की आय दोगुनी करने का उद्देश्य: भारत सरकार की रणनीति और योजनाएँ

भारत सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का महत्वाकांक्षी विजन अपनाया है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन कर ग्रामीण समृद्धि और कृषि आधारित आय को सशक्त बनाना है। 22 जुलाई को कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए बहुआयामी योजनाओं, बजटीय समर्थन, और ठोस रणनीति का मार्गदर्शन किया गया है।

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