प्रधानमंत्री मोदी के 19 राष्ट्र के नाम संबोधन: जानिए कब और किन बड़े मौकों पर देश से रूबरू हुए पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने आए जरूरी और संवेदनशील मुद्दों पर अब तक कुल 19 बार देश को संबोधित किया है। राष्ट्र के नाम अपने इन संदेशों के जरिए उन्होंने कभी बड़े आर्थिक बदलावों का ऐलान किया, तो कभी सुरक्षा, महामारी और किसानों से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी सीधे आम जनता तक पहुंचाई। उनके हर संबोधन ने देश की राजनीति और व्यवस्था पर गहरा असर छोड़ा है।
आइए एक नजर डालते हैं कि प्रधानमंत्री ने कब-कब और किन बड़े मौकों पर देश को संबोधित किया है। र
राष्ट्र के नाम संबोधन-19 - 18 अप्रैल 2026-नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन न होने पर
राष्ट्र के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज देश का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे हमारी नारी शक्ति की उड़ान को रोकने की कोशिश की गई और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमने पूरी ताकत लगाई, लेकिन इसके बावजूद हम सफल नहीं हो पाए और नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका। इसके लिए मैं देश की सभी माताओं और बहनों से हाथ जोड़कर क्षमा मांगता हूं।"
राष्ट्र के नाम संबोधन-18 - 21 सितंबर 2025 – जीएसटी सुधार से पहले (GST 2.0)
पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए जीएसटी से जुड़े नए सुधारों (जीएसटी 2.0) और बड़े आर्थिक फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने टैक्स प्रणाली को आसान बनाने, व्यापार को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की बात कही, साथ ही इन बदलावों से आम लोगों और कारोबारियों को मिलने वाले फायदों के बारे में भी बताया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-17 - 12 मई 2025 – ऑपरेशन सिंदूर के बाद
इस संबोधन के जरिए देश की सुरक्षा से जुड़े हालात और सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद के हालातों से देशवासियों को विस्तार से अवगत कराया गया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-16 - 25 दिसंबर 2021 – कोविड वैक्सीनेशन
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का खतरा बढ़ने पर पीएम मोदी ने देश के नाम संदेश में तीन बड़े कदम उठाने का ऐलान किया। इसमें 3 जनवरी 2022 से 15 से 18 साल के बच्चों को टीका लगाने की शुरुआत, फ्रंटलाइन वर्कर्स व हेल्थकेयर स्टाफ के लिए 'प्रिकॉशन डोज' और 60 साल से ऊपर के गंभीर बीमारियों वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर बूस्टर डोज देना शामिल था।
राष्ट्र के नाम संबोधन-15 - 19 नवंबर 2021 – कृषि कानून वापसी
गुरु नानक जयंती के पवित्र मौके पर प्रधानमंत्री ने देश के तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का ऐतिहासिक ऐलान किया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-14 - 7 जून 2021 – मुफ्त वैक्सीन देने की घोषणा
इस संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से देश के सभी वयस्क नागरिकों को कोरोना की मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराने की बड़ी घोषणा की गई थी।
राष्ट्र के नाम संबोधन-13 - 20 अप्रैल 2021 - कोरोना की दूसरी लहर के दौरान
कोरोना महामारी की भयंकर दूसरी लहर के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि देश लॉकडाउन को आखिरी उपाय के रूप में देखे और संक्रमण रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा 'माइक्रो-कंटेनमेंट जोन' बनाने की रणनीति अपनाई जाए।
राष्ट्र के नाम संबोधन-12 - 20 अक्टूबर 2020 – त्योहारों के वक्त सावधानी
त्योहारों के इस सीजन में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की विशेष अपील की गई थी।
राष्ट्र के नाम संबोधन-11 - 30 जून 2020 – अनलॉक और गरीब कल्याण
इस संदेश में “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” की समयसीमा बढ़ाने के साथ ही कोरोना काल में दी जा रही आर्थिक राहतों का जिक्र किया गया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-10 - 12 मई 2020 – आत्मनिर्भर भारत
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इस संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े आर्थिक पैकेज और “आत्मनिर्भर भारत अभियान” की शुरुआत की घोषणा हुई।
राष्ट्र के नाम संबोधन-9 - 14 अप्रैल 2020 – लॉकडाउन बढ़ाने पर
प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का ऐलान किया और साथ ही “जान भी, जहान भी” का महत्वपूर्ण मंत्र देते हुए स्वास्थ्य और कामकाज दोनों पर संतुलन बनाए रखने को कहा।
राष्ट्र के नाम संबोधन-8 - 3 अप्रैल 2020 – दीया जलाने की अपील
संकट के इस दौर में देशवासियों की एकजुटता दिखाने के लिए पीएम ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे, 9 मिनट तक घर की लाइटें बंद कर दीया या मोमबत्ती जलाने की अपील की थी।
राष्ट्र के नाम संबोधन-7 - 24 मार्च 2020 – पहले लॉकडाउन का ऐलान
यह एक बेहद ऐतिहासिक संबोधन था जिसमें कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई थी।
राष्ट्र के नाम संबोधन-6 - 19 मार्च 2020 – जनता कर्फ्यू की अपील
देश में कोरोना की आहट के बीच पीएम मोदी ने 22 मार्च को “जनता कर्फ्यू” रखने की अपील की और लोगों से थाली-ताली बजाकर कोरोना योद्धाओं का आभार जताने को कहा।
राष्ट्र के नाम संबोधन-5 - 9 नवंबर 2019 – राम मंदिर फैसले के बाद
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या राम जन्मभूमि मामले पर ऐतिहासिक फैसला आने के बाद पीएम ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मजबूती बताया और सभी से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
राष्ट्र के नाम संबोधन-4 - 8 अगस्त 2019 – अनुच्छेद 370 हटाने के बाद
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के ऐतिहासिक और कड़े फैसले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित कर इस निर्णय के दूरगामी फायदों के बारे में बताया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-3 - 27 मार्च 2019 – मिशन शक्ति (ASAT)
इस संबोधन के माध्यम से भारत द्वारा अंतरिक्ष में एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण (मिशन शक्ति) के सफल होने की बड़ी और गौरवशाली खबर देश को दी गई थी।
राष्ट्र के नाम संबोधन-2 - 31 दिसंबर 2016 – नोटबंदी के बाद राहत योजनाओं का ऐलान
नोटबंदी के बाद की स्थिति को संभालते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। इसमें गरीबों, किसानों, गर्भवती महिलाओं और छोटे कारोबारियों को सस्ते कर्ज और आर्थिक मदद जैसी कई बड़ी राहतें दी गईं ताकि आम जनजीवन को सुगम बनाया जा सके।
राष्ट्र के नाम संबोधन-1 - 8 नवंबर 2016 – नोटबंदी की घोषणा
यह प्रधानमंत्री मोदी के सबसे चौंकाने वाले संबोधनों में से एक था, जिसमें रात 8 बजे 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने का बड़ा फैसला सुनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य काले धन और जाली नोटों के कारोबार पर लगाम कसना था।
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